नाम पे मेरे

अपनी आंखों से मुहब्बत का बयाना कर दे 

नाम  पे  मेरे  ये  अनमोल  खज़ाना  कर दे

सिमटा रहता है किसी कोने में बच्चे जैसा

मेरे  अहसास को  छू  ले  तू  सयाना कर दे

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नींद का बिस्तर नहीं मिला

देखते देखते

प्यार करें

महके है तेरी याद से

ठंडी हवा की आँच

कितना मुश्किल रहा है वो

सैकड़ों खानों में

घटा से धूप से और चांदनी से चाहते क्या हो?

प्यार आपका मिले

दिल की हर बात