Posts

नींद

Image
【1】
जब भी किया नींद ने
तेरे ख़्वाबों का आलिंगन
और आँखों ने चूमा है
तेरी ख़ुश्बू के लबों को
तब मुस्कुरा उट्ठा है
मेरे ज़िस्म का रोंया रोंया

चित्र साभार- गूगल
【2】 न जाने कितनी ही रातें गुजारी है मैंने तेरे ख़्यालों में उस ख़्वाब के आगोश में जिसकी ताबीर* हो नहीं सकती अक्सर आ बैठते हैं कुछ अश्क़ आँखों की मुंडेरों पर मेरी तन्हाई से बातें करने और तेरे तसव्वुर में खोई आँखें अब चौंक जाती हैं नींद की आहट से
*ताबीर- साकार होना

दो नज़्में

Image
तुम्हारी
उलझी जुल्फों को
सुलझाते हुए अक्सर,
मन उलझ जाता है
सुलझी हुई जुल्फों में...

चित्र साभार- गूगल
तन्हाई में आकर अचानक तुम्हारी याद जगा देती है उम्मीद तुम्हारे आ जाने की उसी तरह, जिस तरह हवा के साथ आने वाली सोंधी ख़ुश्बू जगा देती है आस बारिश की

आईना

Image
आईने में देखता हूँ खुद को और मुझे तुम नज़र आते हो सोच में पड़ जाता हूँ क्योंकि  आईना पारदर्शी नहीं होता फिर ये कैसे संभव है सोचता हूँ फिर तुम्हारे प्रेम में कहीं मैं ही तो पारदर्शी नहीं हो गया जब भी देखता हूँ आईना तुम ही नज़र आते हो

चित्र साभार- गूगल

तन्हाई के जंगल

Image
तन्हाई के जंगल में  भटकते हुए  याद का पल जब भीग जाता है  अश्क़ों की बारिश में  तब एक उम्मीद  चुपके से आकर  पोछ देती है  अश्क़ों की नमी और पहना देती है  इंतज़ार के नये कपड़े
चित्र साभार- गूगल

जब तुम नहीं आते

Image
अक्सर ही ऐसा होता है उम्मीदों की उंगली थामे दिल चल पड़ता है तमन्ना की पथरीली राहों में और चुभता है फिर किसी की बेरुख़ी का कांटा फिर लहूलुहान दिल लौट पड़ता है दर्द के दरख्त की तरफ अक्सर ही ऐसा होता है

मन अकुला जाता है जब तुम नहीं आते एक टीस सी उठती है हृदय में  जैसे आ गया हूँ मैं प्रलय में  आतुर हो नयन भटकते हैं  अश्रु पलकों पर मचलते हैं  ऋतु-रंग कुछ नहीं सुहाते मन अकुला जाता है जब तुम नहीं आते...

घर बनाने में

Image
न तारे, चाँद, गुलशन औ' अम्बर बनाने में जरूरी जिस कदर है सावधानी घर बनाने में
अचानक अश्क़ टपके और बच गई आबरू वरना कसर छोड़ी न थी उसने मुझे पत्थर बनाने में
मैं सारी उम्र जिनके वास्ते चुन-चुन के लाया गुल वो ही मसरूफ़ थे मेरे लिए खंज़र बनाने में
चित्र साभार- गूगल

सुबकते रहते हैं

Image
याद से बारहा तेरी उलझते रहते हैं सिमटते रहते हैं या फिर बिखरते रहते हैं
तेरा ख़याल भी छू ले अगर ज़ेहन को मेरे रात दिन दोपहर हम तो महकते रहते हैं
इसलिये ही बनी रहती है नमी आँखों में ख़्वाब कुछ छुपके पलक में सुबकते रहते हैं
चित्र साभार- गूगल