नींद

July 03, 2018
【1】 जब भी किया नींद ने तेरे ख़्वाबों का आलिंगन और आँखों ने चूमा है तेरी ख़ुश्बू के लबों को तब मुस्कुरा उट्ठा है मेरे ज़िस्म का रोंया...Read More

दो नज़्में

June 23, 2018
तुम्हारी उलझी जुल्फों को सुलझाते हुए अक्सर, मन उलझ जाता है सुलझी हुई जुल्फों में... चित्र साभार- गूगल तन्हाई में आकर अचानक...Read More

आईना

May 05, 2018
आईने में देखता हूँ खुद को और मुझे तुम नज़र आते हो सोच में पड़ जाता हूँ क्योंकि  आईना पारदर्शी नहीं होता फिर ये कैसे संभव है स...Read More

तन्हाई के जंगल

April 25, 2018
तन्हाई के जंगल में  भटकते हुए  याद का पल जब भीग जाता है  अश्क़ों की बारिश में  तब एक उम्मीद  चुपके से आकर  पोछ देती है  ...Read More

जब तुम नहीं आते

April 14, 2018
अक्सर ही ऐसा होता है उम्मीदों की उंगली थामे दिल चल पड़ता है तमन्ना की पथरीली राहों में और चुभता है फिर किसी की बेरुख़ी का कांट...Read More

घर बनाने में

February 19, 2018
न तारे, चाँद, गुलशन औ' अम्बर बनाने में जरूरी जिस कदर है सावधानी घर बनाने में अचानक अश्क़ टपके और बच गई आबरू वरना कसर छोड़...Read More

सुबकते रहते हैं

February 04, 2018
याद से बारहा तेरी उलझते रहते हैं सिमटते रहते हैं या फिर बिखरते रहते हैं तेरा ख़याल भी छू ले अगर ज़ेहन को मेरे रात दिन दोप...Read More