बेताब दिल की


सांसों की फिसलती हुई ये डोर थामकर

बेताब दिल की घड़कनों का शोर थामकर

करता हूँ इंतज़ार इसी आस में कि तुम

आओगी कभी तीरगी में भोर थामकर

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नींद का बिस्तर नहीं मिला

देखते देखते

प्यार करें

महके है तेरी याद से

ठंडी हवा की आँच

कितना मुश्किल रहा है वो

सैकड़ों खानों में

घटा से धूप से और चांदनी से चाहते क्या हो?

प्यार आपका मिले

दिल की हर बात