दिल की हर बात


दिल की हर बात मैं कहूँ किसको
अपने हालात मैं कहूँ किसको

मैंने खोया तो पा लिया दिल ने
जीत कर मात मैं कहूँ किसको

अश्क़ भी याद भी है, ग़म भी है
इनमें सौगात मैं कहूँ किसको

अब्र के साथ आँख भी बरसे
अबके बरसात मैं कहूँ किसको

तुम नहीं तो नहीं है रंग कोई
दिन किसे रात मैं कहूँ किसको

ज़िस्म बेदिल 'नदीश' सबके यहाँ
अपने जज़्बात मैं कहूँ किसको

चित्र साभार : गूगल

Popular posts from this blog

नींद का बिस्तर नहीं मिला

देखते देखते

प्यार करें

महके है तेरी याद से

ठंडी हवा की आँच

कितना मुश्किल रहा है वो

सैकड़ों खानों में

घटा से धूप से और चांदनी से चाहते क्या हो?

प्यार आपका मिले