दिल की हर बात


दिल की हर बात मैं कहूँ किसको
अपने हालात मैं कहूँ किसको

मैंने खोया तो पा लिया दिल ने
जीत कर मात मैं कहूँ किसको

अश्क़ भी याद भी है, ग़म भी है
इनमें सौगात मैं कहूँ किसको



अब्र के साथ आँख भी बरसे
अबके बरसात मैं कहूँ किसको

तुम नहीं तो नहीं है रंग कोई
दिन किसे रात मैं कहूँ किसको

ज़िस्म बेदिल 'नदीश' सबके यहाँ
अपने जज़्बात मैं कहूँ किसको

चित्र साभार : गूगल

2 comments:

  1. लोकेश जी,बहुत सुंदर गज़ल शब्द शब्द भीगे हुये है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत बहुत आभार आदरणीया

      Delete