Posts

Showing posts from October, 2017

फेफड़ों को खुली हवा न मिली

Image
फेफड़ों को खुली हवा न मिली
न मिली आपसे वफ़ा न मिली

दुश्मनी ढूँढ़-ढूंढ़ कर हारी
दोस्ती है जो लापता न मिली

वक़्त पे छोड़ दिया है सब कुछ
दर्दे-दिल की कोई दवा न मिली

हर किसी हाथ में मिला खंज़र
आपकी बात भी जुदा न मिली

है न हैरत, जहां में कोई भी
खुशी, ग़मों से आशना न मिली

सोचता है नदीश ये अक्सर
ज़िन्दगी आपके बिना न मिली



चित्र साभार-गूगल

मिला जो शख़्स

Image
बिछड़ते वक़्त तेरे अश्क़ का हर इक क़तरा लिपट के रास्ते से मेरे तरबतर निकला
खुशी से दर्द की आँखों में आ गए आंसू मिला जो शख़्स वो ख़्वाबों का हमसफ़र निकला
रोज दाने बिखेरता है जो परिंदों को उसके तहख़ाने से कटा हुआ शजर निकला
हर घड़ी साथ ही रहा है वो नदीश मेरे दर्द का एक पल जो खुशियों से बेहतर निकला